चेरापूँजी और मासिनराम में विश्व की सबसे अधिक वर्षा क्यों होती है?
बंगाल की खाड़ी की शाखा-दक्षिणी-पश्चिमी मानसून की जो शाखा बंगाल की खाड़ी से होती हुई भारत में प्रवेश करती है, बंगाल की खाड़ी की शाखा के नाम से जानी जाती है। खांसी पहाड़ी पर पाए जाने वाले चेरापूँजी (वर्तमान में मासिनराम) (मेघालय) में सर्वाधिक वर्षा होती है। क्योंकि-(1) इन पहाड़ियों का आकार कीप की भाँति है; (2) यह पहाड़ियाँ धीरे-धीरे होने की प्रवृत्ति रखती हैं, एक साथ नहीं; (3) खांसी पहाड़ी पर स्थित चेरापूँजी (अब मासिनराम) मानसूनों के सीधे सम्पर्क में आता है। पहाड़ियों की इन स्थितियों के कारण मानसूनी हवाएँ आसानी से आगे नहीं बढ़ पाती हैं। तथा दूसरी ओर मानसूनों द्वारा पीछे से दबाव पड़ने के कारण घनघोर वर्षा करती हैं। इन पहाड़ियों में चेरापूँजी में भौगोलिक स्थिति अधिक वर्षा के लिए उत्तरदायी होती है। इन्हीं कारणों से चेरापूँजी में विश्व की सबसे अधिक वर्षा होती है।
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